Akbar-Beerbal Ki Katha

143.00

कहानियाँ वही पुरानी हैं जो दादी-नानी सुनाती थीं — पर यहाँ उन्हें नया रंग मिला है। हर कहानी में अकबर कोई उलझा हुआ सवाल लेकर आते हैं, और बीरबल बड़ी सहजता से उसे सुलझा देते हैं। कभी चतुराई से, कभी हँसी-मज़ाक में, कभी एक छोटी सी बात से पूरी बात पलट देते हैं।

कवर पर जो दृश्य है — बीरबल का वो खास अंदाज़, हाथ बाँधे, मुस्कुराते हुए, और पास रखा तोते का पिंजरा — शायद किसी एक कहानी का इशारा है जिसमें कोई राज़ छुपा है।

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Description

अकबर और बीरबल — ये दो नाम किसी तआरुफ़ के मोहताज नहीं। मुग़ल बादशाह अकबर और उनके नवरत्नों में सबसे चमकदार नगीना — बीरबल। बीरबल जिनकी ज़ुबान पर हाज़िरजवाबी और दिमाग़ में हमेशा कोई न कोई तरकीब। यह किताब उन्हीं की कहानियों का एक गुलदस्ता है।

तनवीर खान ने इन पुरानी लोककथाओं को बच्चों की ज़ुबान में पिरोया है — सरल, रोचक, और सोचने पर मजबूर करने वाली।

Additional information

book-author

तनवीर खान

format

Hardcover

First published

April 13, 2021

3 reviews for Akbar-Beerbal Ki Katha

  1. aslam

    Amazing Story! You will LOVE it

  2. aslam

    Intresting

  3. info@desitales-2.com

    sdas

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